टेट की अनिवार्यता के विरोध में राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने प्रदेश भर में दिए ज्ञापन
जयपुर।अश्विन मास कृष्ण पक्ष नवमीं विक्रम संवत 2082 सोमवार,दिनांक: 15/09/2025
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आव्हान पर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने राज्य के सभी जिलों में टेट की अनिवार्यता के विरोध में माननीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर के माध्यम से आज ज्ञापन सौपे।

संगठन के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के इस निर्णय के अनुसार कक्षा आठ तक पढ़ाने वाले सभी सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्य कर दी गई है, चाहे उनकी नियुक्ति की तिथि कुछ भी रही हो। यह स्थिति देशभर के लाखों शिक्षकों की सेवा सुरक्षा और आजीविका को संकट में डाल सकती है। गत 1 सितंबर 2025 को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेज कर इस निर्णय पर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की थी । इसी क्रम में विरोध स्वरूप आज जयपुर में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, अजमेर में महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ,सीकर में सभा अध्यक्ष संपत सिंह, बीकानेर में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ,पाली में प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, भीलवाड़ा में उपाध्यक्ष महिला सुषमा विश्नोई, सवाई माधोपुर में महिला मंत्री गीता जैलिया के नेतृत्व में ज्ञापन सौपे गए।

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि आरटीई अधिनियम 2009 एवं एनसीटीई की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 के अनुसार दो अलग-अलग श्रेणियाँ मान्य थीं,एक 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षक, जिन्हें योग्य माना गया और टीईटी से छूट दी गई थी, तथा दूसरा वर्ग जो 2010 के बाद नियुक्त शिक्षक, जिन्हें एक निश्चित अवधि में टीईटी उत्तीर्ण करना आवश्यक था।लेकिन माननीय न्यायालय के इस निर्णय ने इस भेद को अनदेखा कर दिया है, जिससे 2010 से पूर्व वैध रूप से नियुक्त शिक्षकों की सेवा भी असुरक्षित हो गई है।पुष्करणा ने कहा कि राजस्थान में संगठन सरकार से इस फैसले पर रिव्यू पिटिशन के लिए मांग करता है। कई वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे अनुभवी शिक्षकों पर अचानक टीईटी की अनिवार्यता थोपना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि यह शिक्षा की निरंतरता को भी बाधित करेगा। सरकार को तत्काल हस्तक्षेप कर इसे केवल भविष्य की नियुक्तियों पर लागू करना चाहिए। यह स्थिति शिक्षकों के मनोबल को तोड़ेगी और शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी।

राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा, सभा अध्यक्ष संपत सिंह ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, प्रदेश अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल, प्रदेश मंत्री अमरजीत सिंह, उपाध्यक्ष महिला सुषमा बिश्नोई ,प्रदेश महिला मंत्री गीता जैलिया, कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा सहित प्रदेश कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारीयों ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर मांग की कि यह निर्णय केवल भविष्य के लिए लागू हो 2010 से पूर्व नियुक्त लाखों शिक्षकों की सेवा को सुरक्षित रखते हुए उन्हें राहत प्रदान की जाए।
भवदीय
महेंद्र कुमार लखारा
प्रदेश महामंत्री
राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय)



